19 जून को जारी एक बयान में, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और बीमा कंपनियों के सामान्य संघ (UGTT से संबद्ध) ने 23, 24 और 25 जून को होने वाली आम हड़ताल की पुष्टि की है। संघ ने कर्मचारियों पर हड़ताल से पहले दबाव डालने का भी आरोप लगाया है। यह हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र में व्याप्त तनाव और असंतोष का संकेत देती है। कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर यह कदम उठाया गया है। संघ ने प्रबंधन पर कर्मचारियों को डराने-धमकाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है, जिसे वे अस्वीकार्य मानते हैं। हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। यह स्थिति आगे बढ़ने पर अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।
