ट्यूनीशिया में सिहेम बेन सेड्रिन को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जिससे व्यापक प्रतिक्रियाएं हुई हैं। यह फैसला गुरुवार-शुक्रवार की रात को सुनाया गया था। यूरोपीय संघ, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (FIDH) और ट्यूनीशियाई मानवाधिकार लीग ने इस फैसले पर अपनी चिंता व्यक्त की है और इसकी निंदा की है। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि यह फैसला न्यायसंगत नहीं है। इस मामले ने ट्यूनीशिया में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सजा की गंभीरता और प्रक्रियात्मक पहलुओं को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। यह खबर सबसे पहले बिजनेस न्यूज़ पर प्रकाशित हुई थी।
