ट्यूनीशिया की अपील अदालत ने मानवाधिकार संगठन ‘म्नेम्टी’ की अध्यक्ष सादिया मोस्बाह को पहले दिए गए आठ साल के कारावास की सजा को बरकरार रखा है। उन्हें 100,000 से अधिक ट्यूनीशियाई दिनार के जुर्माने के साथ यह सजा सुनाई गई है। मोस्बाह पर आरोप लगे हैं, जिनकी प्रकृति स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण उन्हें यह सजा मिली है। यह फैसला ट्यूनीशिया में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रहे दमन की पृष्ठभूमि में आया है। ‘म्नेम्टी’ संगठन ट्यूनीशिया में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम करता है। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई है, क्योंकि मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मोस्बाह को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया है। यह सजा ट्यूनीशियाई न्याय प्रणाली और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है।