ट्यूनीशिया की एक अदालत ने नस्लवाद विरोधी कार्यकर्ता सादिया मोस्बाह को आठ साल की जेल और लगभग 30,000 यूरो के जुर्माने की सजा बरकरार रखी है। मोस्बाह, जिन्होंने 2018 में उत्तरी अफ्रीका में नस्लवाद के खिलाफ एक अग्रणी कानून पारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, को पहले भी यह सजा सुनाई जा चुकी थी। ट्यूनीस के अपील न्यायालय ने मंगलवार, 23 जून 2026 को यह फैसला सुनाया। हाल के महीनों में मोस्बाह की रिहाई के लिए समर्थन आंदोलन तेज हो गए थे, लेकिन अदालत के फैसले से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। यह मामला ट्यूनीशिया में मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंता पैदा करता है। मोस्बाह के समर्थक इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहे हैं। यह फैसला नस्लवाद विरोधी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा झटका है।