एएचके ट्यूनीशिया ने गुरुवार, 11 जून को अपनी 47वीं साधारण महासभा का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'नियरशोरिंग' (nearshoring) के विकास और संभावनाओं पर चर्चा करना था। इस आयोजन के माध्यम से जर्मनी और ट्यूनीशिया के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी के लिए ट्यूनीशिया निवेश के लिहाज से एक रणनीतिक गंतव्य बना हुआ है। यह चर्चा विशेष रूप से औद्योगिक और व्यावसायिक विस्तार के संदर्भ में महत्वपूर्ण रही। इस पूरी प्रक्रिया का विवरण 'Kapitalis' द्वारा प्रकाशित लेख में साझा किया गया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगा।