ट्यूनीशिया में, अंतर्राष्ट्रीय यातना विरोधी दिवस के अवसर पर, वैश्विक यातना विरोधी संगठन और इसके ट्यूनीशियाई कार्यक्रम ‘सनाद’ ने देश में हिरासत में हो रही संदिग्ध मौतों पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में 2013 से 2026 के बीच के 36 मामलों को उजागर किया गया है, जिनमें पीड़ितों के परिवार दस साल से अधिक समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ये मौतें संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हैं और परिवारों ने उचित जांच और जवाबदेही की मांग की है। रिपोर्ट में हिरासत केंद्रों में यातना और दुर्व्यवहार के आरोपों पर भी प्रकाश डाला गया है। संगठन ने ट्यूनीशियाई अधिकारियों से इन मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का आग्रह किया है। पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट ट्यूनीशिया में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है।
