ट्यूनीशिया में शासन व्यवस्था बुरी तरह से विफल हो गई है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि वहां की सरकार इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। देश में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है और अधिकारी स्थिति की गंभीरता को समझने से इनकार कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, एक सवाल उठ रहा है कि अब क्या किया जा सकता है? क्या ट्यूनीशिया को अस्थायी रूप से संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षण में रखा जा सकता है? यह विचार ‘कपीटालिस’ में प्रकाशित एक लेख में उठाया गया है, जो देश की वर्तमान दुर्दशा और संभावित समाधानों पर प्रकाश डालता है। लेख में ट्यूनीशिया की बिगड़ती स्थिति और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यह स्थिति ट्यूनीशिया के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।