ट्यूनीशिया और यूरोपीय संघ के बीच हुए प्रवासन समझौते को तीन साल हो गए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस सहयोग मॉडल की आलोचना करते हुए कहा है कि इसने शरणार्थियों, शरण चाहने वालों और प्रवासियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा की बजाय प्रवासन नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। संगठन का कहना है कि इस समझौते से मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गुरुवार को जारी एक बयान में इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्यूनीशियाई अधिकारियों ने यूरोपीय संघ के समर्थन से प्रवासियों के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई की है। मानव अधिकारों की रक्षा करने और प्रवासियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए समझौते की शर्तों पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया गया है। यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे प्रवासन नीतियों को मानवाधिकारों के ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।