ट्यूनीशिया के हमाम चॉट शहर पर 1 अक्टूबर 1985 को हुए इजरायली हमले की 41वीं बरसी मनाई जा रही है। इस हमले में 68 लोगों की जान चली गई थी। यासर अराफात उस समय हमले से बाल-बाल बचे थे और घटनास्थल पर पहुंचे थे। यह हमला ट्यूनीशिया में फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के मुख्यालय पर किया गया था। इस घटना को ट्यूनीशिया के इतिहास की एक दुखद घटना माना जाता है। Kapitalis ने इस घटना पर एक लेख प्रकाशित किया है, जिसमें हमले की भयावहता और उसके परिणामों का वर्णन किया गया है। हमाम चॉट पर यह हमला इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का हिस्सा था।

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