थॉमस टुचेल ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को देर रात होने वाले मैचों को देखने की अनुमति दें, भले ही इससे स्कूल में उपस्थिति प्रभावित हो। यह अनुरोध तब आया है जब शिक्षा मंत्री ने बच्चों को अगले दिन स्कूल जाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया था। टुचेल का मानना है कि खेल देखना बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव हो सकता है। उन्होंने माता-पिता से इस मामले में विवेक का इस्तेमाल करने और अपने बच्चों के लिए सबसे अच्छा निर्णय लेने के लिए कहा है। देर रात होने वाले मैचों का समय एक चिंता का विषय है, क्योंकि इससे बच्चों की नींद और शिक्षा प्रभावित हो सकती है। टुचेल ने यह भी स्वीकार किया कि यह एक मुश्किल स्थिति है, लेकिन उनका मानना है कि माता-पिता अपने बच्चों की रुचियों और ज़रूरतों को संतुलित कर सकते हैं। वह चाहता है कि बच्चे खेल का आनंद लें, लेकिन उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो।

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