वर्ष 2020 से टीबी के मामलों में 71.6% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। यह वृद्धि युवाओं और पुरुषों में विशेष रूप से देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारकों के साथ-साथ बेहतर पहचान क्षमता के कारण यह रुझान सामने आया है। टीबी के बढ़ते मामलों के साथ मृत्यु दर भी चिंताजनक है। स्वास्थ्य मंत्रालय इस स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बना रहा है। बेहतर निदान और उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती है।