हाल ही में संपन्न हुए विश्व कप पर न केवल राजनीतिक हस्तक्षेप और ईरान युद्ध का साया मंडरा रहा था, बल्कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्रंप ने टूर्नामेंट के दौरान कई बार हस्तक्षेप किया, लेकिन फीफा ने उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया। आलोचकों का कहना है कि फीफा ने ट्रंप के हस्तक्षेप को अनदेखा करके खेल की निष्पक्षता से समझौता किया। यह मामला विवाद का विषय बन गया है, जिससे खेल जगत में चिंता पैदा हो गई है। टूर्नामेंट की रोमांचक प्रतिस्पर्धा के बावजूद, ट्रंप का हस्तक्षेप एक नकारात्मक पहलू रहा। रविवार को होने वाले फाइनल मैच में भी असहज स्थिति पैदा होने की आशंका है। फीफा पर अब अपनी भूमिका स्पष्ट करने का दबाव बढ़ रहा है।