विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूस से डीजल खरीदने का सौदा, जिसने यूक्रेन में आक्रोश पैदा किया है, कीमतों को कम करने की संभावना नहीं है। उनका विश्लेषण है कि व्लादिमीर पुतिन का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधों में राहत पाना और अमेरिका से नए प्रतिबंधों से बचना है। यह सौदा यूक्रेन में चल रहे युद्ध को रोकने की किसी भी मांग के बिना किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, रूस ऊर्जा निर्यात के माध्यम से आर्थिक दबाव कम करने का प्रयास कर रहा है, जबकि पुतिन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। यह समझौता भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है और यूक्रेन के लिए अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी कर सकता है। इस सौदे से अमेरिका और रूस के बीच संबंध भी जटिल हो सकते हैं। यूक्रेन इस सौदे को अपनी संप्रभुता के लिए खतरे के रूप में देख रहा है।