अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ 60 दिनों में समझौते की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया अनिश्चित है। यह समझौता ट्रंप प्रशासन के लिए एक तरह की सीमित सफलता हो सकती है, क्योंकि इससे तनाव कम करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इजराइल के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उसे डर है कि यह समझौता उसकी सुरक्षा हितों के खिलाफ जा सकता है। नेतन्याहू के लिए इस समझौते को चुनाव से पहले अपनी जीत के रूप में पेश करना मुश्किल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा सकता है। इस स्थिति में इजराइल को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।