विदेश नीति विशेषज्ञ थॉमस जेगर के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने ईरान शासन को कमजोर करने के बजाय उसे नए अवसर प्रदान किए। उनका मानना है कि ट्रंप के कदमों से ईरान शासन को मज़बूत होने का मौका मिला। विशेषज्ञ ने यह भी चिंता जताई है कि ईरान के पास अभी भी किस प्रकार की परमाणु क्षमताएं मौजूद हैं, यह स्पष्ट नहीं है। ईरान की परमाणु क्षमताओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जेगर का विश्लेषण दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन की नीतियां ईरान पर अपेक्षित प्रभाव डालने में विफल रहीं। इस स्थिति से क्षेत्रीय स्थिरता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह आकलन ईरान के भविष्य और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
