अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को लेकर जारी की गई धमकियां, तेहरान और वाशिंगटन के बीच 60 दिनों की वार्ता की समय सीमा समाप्त होने के बाद आई हैं। यह समय सीमा बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयासों के हिस्से के रूप में निर्धारित की गई थी। इस बीच, ओमान और इस्लामिक गणराज्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप का बयान ओमान की मध्यस्थता प्रयासों को कमजोर करने का प्रयास हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप फिलहाल ओमान पर सीधा सैन्य हमला नहीं करेंगे क्योंकि इससे क्षेत्र में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बावजूद, ट्रंप सरकार फिलहाल राजनयिक समाधान तलाशने पर जोर दे रही है, भले ही वार्ता कठिन हो। ओमान, ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण राजनयिक सेतु बना हुआ है।