पूर्व अधिकारी लुईस टोमे के अनुसार, ईरान और इजराइल के बीच हालिया शांति समझौता ईरान के पक्ष में झुका हुआ है। उनका मानना है कि इस समझौते में इजराइल को नज़रअंदाज़ किया गया है। टोमे का कहना है कि इजराइल इस समझौते को बाधित करने का प्रयास कर सकता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके हितों की अनदेखी की गई है। यह समझौता पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की विदेश नीति की विफलता को दर्शाता है। टोमे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समझौते की शर्तें ईरान को रणनीतिक लाभ पहुंचाती हैं। इस स्थिति के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। इजराइल की संभावित प्रतिक्रिया इस समझौते के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
