न्यूयॉर्क से प्राप्त खबरों के अनुसार, ईरानी मीडिया अमेरिकी समझौते को ईरान के लिए एक बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत में अपनी हताशा प्रदर्शित करके एक रणनीतिक भूल की। इस समझौते के परिणामस्वरूप ईरान को अमेरिका की तुलना में अधिक लाभ होने की संभावना है। ईरानी मीडिया इस समझौते को अपनी सरकार की विदेश नीति की सफलता के रूप में चित्रित कर रहा है। समझौते की शर्तों के अनुसार, अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों को हटाने पर सहमति व्यक्त की है। यह समझौता ईरान के लिए आर्थिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल, समझौते के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।