अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए बुधवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस नए समझौते की तुलना 2015 में ओबामा प्रशासन और अन्य देशों द्वारा हस्ताक्षरित समझौते से की जा रही है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उनका नया दृष्टिकोण ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने पर केंद्रित है, जबकि ओबामा-युग का समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतर्राष्ट्रीय निगरानी और प्रतिबंधों पर आधारित था। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का समझौता ईरान पर अधिक कठोर प्रतिबंध लगा सकता है। इस समझौते का उद्देश्य ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता में शामिल होने से रोकना भी है। फिलहाल, इस नए समझौते के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन करना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह निश्चित है कि यह ईरान के साथ अमेरिकी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
