अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान नीति के कारण वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान को लेकर ट्रम्प प्रशासन के सख्त रवैये से तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे मुद्रास्फीति और बढ़ेगी। इस स्थिति में, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) पर ब्याज दरों को लेकर दबाव बढ़ सकता है। नए केंद्रीय बैंक प्रमुख केविन वॉर्श के ट्रम्प की अपेक्षाओं को पूरा करने की संभावना कम है, और ब्याज दरों में महत्वपूर्ण कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती। यूरो क्षेत्र में ऋण महंगा होने की आशंका है। यह तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बन सकता है, क्योंकि यह विकास की गति को धीमा कर सकता है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।