वेनेज़ुएला की स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘खुशहाल देश’ के दावों के बीच, राजनीतिक बंदियों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। पत्रकार ग्रेगोरियो सालज़ार ने इस विरोधाभास पर प्रकाश डाला है। रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों राजनीतिक कैदी अभी भी जेलों में बंद हैं या कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन हैं। यह स्थिति वेनेज़ुएला में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ट्रम्प का बयान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। सालज़ार ने इस मुद्दे को उठाते हुए, वेनेज़ुएला के भीतर दबी हुई वास्तविकता को सामने लाने का प्रयास किया है। यह लेख 'TalCual' नामक प्रकाशन में प्रकाशित हुआ है।
