फ्रांस के इवियन में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप की भागीदारी पर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि ट्रंप अपनी नीतियों और विचारों को शिखर सम्मेलन में प्रमुखता से रखेंगे। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि ट्रंप ने तेहरान के साथ एक समझौते पर सहमति जताई है, जिस पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस घोषणा ने यूरोपीय देशों के लिए चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान उन्हें ‘प्रबंधित’ करना मुश्किल साबित हुआ था। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के इस बार के रुख से यूरोप के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह शिखर सम्मेलन ट्रंप की विदेश नीति और वैश्विक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
