डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनाव में धांधली के कई आरोप लगाए हैं, जिनमें विदेशी हस्तक्षेप और मतदाता धोखाधड़ी शामिल हैं। हालांकि, पूर्व खुफिया समीक्षाओं और जांचों में इन दावों को समर्थन देने के लिए बहुत कम सबूत मिले हैं। ट्रम्प का कहना है कि चुनाव में व्यापक अनियमितताएं थीं, लेकिन ये आरोप निराधार पाए गए हैं। कई अदालतों ने भी ट्रम्प की याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें धांधली के आरोपों को लेकर सबूतों की कमी का हवाला दिया गया है। ये मामले अमेरिकी लोकतंत्र पर एक महत्वपूर्ण बहस और जांच का विषय रहे हैं। अभी भी कई लोग ट्रम्प के दावों पर विश्वास करते हैं, लेकिन आधिकारिक निष्कर्ष इन आरोपों का खंडन करते हैं। यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में एक विवादास्पद विषय बना हुआ है।