अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के मुख्य कारणों में वैश्विक आर्थिक पतन की आशंका को बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से ईरान के साथ चल रही वार्ता में अमेरिका की सौदेबाजी की शक्ति कमज़ोर पड़ सकती है। ट्रंप ने अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी चिंताओं को खुलकर व्यक्त किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे किसी भी ऐसे समझौते से बचने के लिए उत्सुक हैं जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस रुख के कारण ईरान वार्ता में अमेरिका की स्थिति कमजोर हो सकती है, क्योंकि ईरान इस कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की आर्थिक चिंताएँ उनकी विदेश नीति को प्रभावित कर रही हैं और यह ईरान के साथ एक संतोषजनक समझौते तक पहुँचने में बाधा बन सकती हैं। इस स्थिति में, अमेरिका को ईरान के साथ बातचीत करते समय अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।