डोनाल्ड ट्रंप का नाटो और यूरोप के प्रति रवैया हाल ही में कुछ नरम दिखाई दे रहा था, लेकिन यह बदलाव अल्पकालिक प्रतीत होता है। 'डेर स्पीगेल' के मुख्य रिपोर्टर मैथियास गेबाउर ने इस संभावित बदलाव के पीछे के कारणों का विश्लेषण किया है। ट्रंप पहले भी नाटो की उपयोगिता पर सवाल उठाते रहे हैं और सहयोगियों से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। गेबाउर के अनुसार, ट्रंप का यह नया रुख आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनका मानना है कि ट्रंप मतदाताओं को यह दिखाना चाहते हैं कि वे एक मजबूत नेता हैं जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका के हितों की रक्षा कर सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह बदलाव टिकाऊ है या सिर्फ एक चुनावी पैंतरेबाज़ी है। इस स्थिति पर विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।