यह अमेरिकी राष्ट्रपति पद वैश्विक शासन के नियमों को फिर से लिख रहा है और दुनिया को एक नए युग में धकेल रहा है। पूर्व की स्थापित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे हैं। ट्रम्पवाद ने संरक्षणवाद और द्विपक्षीय समझौतों पर जोर दिया है, जिससे बहुपक्षीय संस्थानों की भूमिका कमजोर हुई है। कई देशों ने इस बदलाव के जवाब में अपनी विदेश नीतियों को समायोजित करना शुरू कर दिया है। वैश्विक शक्ति संतुलन में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। यह परिवर्तन दुनिया के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है, क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और संघर्ष के नए स्वरूपों को जन्म दे सकता है। यह युग अनिश्चितता और अप्रत्याशितता से चिह्नित है।