वाशिंगटन डीसी में सप्ताहांत पर हुई ट्रंप-शी वार्ता लगभग एक महत्वहीन घटना साबित हुई। दोनों नेताओं ने कोई खास बात नहीं कही, सिवाय इसके कि दोनों पक्ष लगभग 30 अरब अमेरिकी डॉलर के सामान पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हुए। इस बैठक से यह सवाल उठता है कि क्या यह अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता का परिणाम है। विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक से कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण बने रहेंगे। यह देखा जाना बाकी है कि क्या भविष्य में दोनों देश अधिक सहयोग कर पाएंगे। फिलहाल, यह बैठक सिर्फ एक प्रतीकात्मक इशारा प्रतीत होती है।