जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे एक संभावित युद्ध टला है और एक आर्थिक आपदा से बचा जा सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें लेबनान के लिए दुख हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका ईरान पर फिर से बमबारी करने के लिए मजबूर हो सकता है। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से ईरान के साथ परमाणु समझौते की आलोचना करता रहा है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में किया गया था। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था, जिसके बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। ट्रंप ने समझौते को "खराब" करार दिया है और इसे रद्द करने की धमकी दी है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया है। इस समझौते को लेकर तनाव बना हुआ है और भविष्य में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
