अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ता के दौरान कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत कर रहे ईरानी प्रतिनिधियों को चेतावनी दी है कि वे अपने देश वापस नहीं लौट पाएंगे। यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के नेतृत्व में स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता को गति देने के उद्देश्य से दिया गया था। ईरान ने ट्रंप के इस बयान को निराशा और हताशा का संकेत बताया है। इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। फिलहाल, वार्ता जारी है और आगे की रणनीति स्पष्ट नहीं है। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में पहले से ही मौजूद भू-राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकता है।