अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के बाद अपनी शर्तों को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगामी 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान को कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस समयसीमा के भीतर ईरान को एक सेंट भी नहीं मिलेगा। यह कदम ईरान पर दबाव बनाने और रणनीतिक शर्तों को लागू करने की अमेरिकी नीति का हिस्सा है। राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वित्तीय लाभ केवल निर्धारित शर्तों के पूरा होने पर ही संभव होगा। इस घोषणा से दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और आर्थिक खींचतान और बढ़ गई है। फिलहाल अमेरिका अपनी सख्त आर्थिक नीतियों पर कायम है।