अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी खुफिया निगरानी कानून के नवीनीकरण पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक इस कानून में मतदाता पहचान कानून शामिल नहीं किया जाता, तब तक वह हस्ताक्षर नहीं करेंगे। ट्रंप का कहना है कि विदेशी निगरानी कानून में सुधार की आवश्यकता है और मतदाता धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त पहचान सत्यापन आवश्यक है। इस फैसले से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के लिए विदेशी लक्ष्यों की निगरानी करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर आगे की चर्चा की संभावना जताई है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि मतदाता पहचान कानून चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध जारी है।
