अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि अमेरिका ईरान से दशकों से चलाए जा रहे हमलों के लिए "मुआवजे" की मांग करेगा। यह हमले ईरान द्वारा विदेश में अपने विरोधियों या अपने ही देश में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किए गए हैं। वहीं, ईरान में सर्वोच्च नेता मोजबता खामेनी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और सशस्त्र बलों में छह नए नियुक्तियां की हैं। यह कदम ईरान के सैन्य ढांचे को मजबूत करने का संकेत देता है। ट्रंप का यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस मांग का जवाब कैसे देता है और क्या यह दोनों देशों के बीच किसी नए संघर्ष को जन्म देगा। यह घोषणा ईरान के आंतरिक मामलों और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकती है।