पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि यदि वह दोबारा राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो वे यूरोप से यूक्रेन को दी गई अमेरिकी सहायता की प्रतिपूर्ति करने की मांग करेंगे। उन्होंने बाइडेन प्रशासन द्वारा यूक्रेन को भेजी गई वित्तीय सहायता को लेकर यह बात कही। ट्रम्प का कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा के लिए अधिक योगदान देना चाहिए और अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के सैन्य भंडार की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की, यह दावा करते हुए कि यूक्रेन को सहायता भेजने से अमेरिकी सेना कमजोर हो गई है। ट्रम्प ने इस मुद्दे पर यूरोप के साथ कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन को रूस के खिलाफ संघर्ष में पश्चिमी देशों से निरंतर समर्थन की आवश्यकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूरोप इस मांग पर कैसे प्रतिक्रिया देता है।