तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो मंत्री जानबूझकर एयर फ़ोर्स वन विमान में ही रह गए। ऐसा भ्रम पैदा करने के लिए किया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी वहां मौजूद हैं। इस योजना के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं थी। यह कदम शायद सुरक्षा कारणों से या फिर किसी अन्य रणनीतिक उद्देश्य से उठाया गया था। इस घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह स्पष्ट है कि यह एक सुनियोजित चाल थी, जिसका उद्देश्य किसी को गुमराह करना था।