अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि नाटो सदस्य देशों को मदद की आवश्यकता होगी तो भी अमेरिका उनकी सहायता करने के लिए बाध्य नहीं होगा। ट्रंप ने इस रुख को उचित ठहराते हुए कहा कि इन देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान का समर्थन नहीं किया। यह बयान नाटो सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर सकता है, क्योंकि यह गठबंधन सामूहिक सुरक्षा पर आधारित है। ट्रंप पहले भी नाटो के सदस्यों से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिका नाटो के लिए बहुत अधिक वित्तीय बोझ उठा रहा है। इस नए बयान से नाटो की एकजुटता और भविष्य पर सवाल उठ सकते हैं। यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ा सकती है।
