21 जून को, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की संभावना जताई है, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में अमेरिका की सुरक्षा भूमिका के लिए भुगतान प्राप्त करना है। ट्रंप ने अमेरिका को मध्य पूर्व का 'संरक्षक देवदूत' बताया है। इसी दिन, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड में गुप्त वार्ता के लिए पहुंचे, हालांकि वार्ता का एजेंडा स्पष्ट नहीं है। यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि रूस जल्द ही एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव डाल सकती है। इन घटनाओं से मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
