अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से नाटो देशों को सहायता देने से इनकार करने की संभावना जताई है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि ये देश रक्षा खर्च में पर्याप्त वृद्धि नहीं करते हैं, तो अमेरिका उनकी मदद करने के लिए बाध्य नहीं होगा। ट्रंप का यह बयान नाटो सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर रहा है, क्योंकि यह गठबंधन की सुरक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है। उनका कहना है कि अमेरिका लंबे समय से नाटो देशों की रक्षा के लिए बहुत अधिक वित्तीय बोझ उठा रहा है। इस मुद्दे पर पहले भी ट्रंप कई बार अपनी असहमति जता चुके हैं। नाटो सदस्य देशों पर अपनी रक्षा बजट को सकल घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत तक बढ़ाने का दबाव है, लेकिन सभी देश इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाए हैं। ट्रंप के इस नवीनतम बयान से नाटो के भीतर तनाव बढ़ने की आशंका है।