अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि यूरोपीय देश ईरान के मुद्दे पर अमेरिका की मदद नहीं करेंगे, तो अमेरिका भी उनकी सुरक्षा के लिए आगे नहीं आएगा। ट्रंप ने नाटो देशों पर यूरोप की सुरक्षा के लिए किए जा रहे खर्चों को लेकर भी तीखी आलोचना की है, विशेष रूप से रूस से सुरक्षा प्रदान करने के संदर्भ में। उनका कहना है कि अमेरिका इन खर्चों से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि अमेरिका भी नाटो सहयोग से पीछे हट सकता है यदि अन्य सदस्य राष्ट्र अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करते हैं। यह बयान नाटो देशों के बीच चिंता पैदा कर सकता है, क्योंकि यह गठबंधन की एकजुटता और भविष्य पर सवाल उठाता है। ट्रंप का यह रुख अमेरिका फर्स्ट की नीति को दर्शाता है, जिसमें अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दी जाती है।
