पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ता के दौरान एक कठोर बयान दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान के प्रतिनिधिमंडल के पास वापस लौटने के लिए कोई देश नहीं बचेगा। इस धमकी से तेहरान में बैठे ईरानी वार्ता दल में आक्रोश फैल गया और उन्होंने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की। ईरानी अधिकारियों ने इसे वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने का प्रयास बताया। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल, इस धमकी के बाद वार्ता पर क्या असर पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजनयिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। यह बयान ट्रंप की ईरान के साथ समझौते को लेकर सख्त रुख को दर्शाता है।