अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार, ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत को सुगम बनाने के लिए एक अनूठी संचार रणनीति अपनाई थी। इस रणनीति में मनोवैज्ञानिकों को शामिल किया गया था ताकि ट्रंप के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं का आकलन किया जा सके। ईरान ने ट्रंप के साथ संवाद स्थापित करने और तनावपूर्ण परिस्थितियों को संभालने के लिए विशेष रूप से तैयार संदेशों का उपयोग किया। इस प्रक्रिया में, संदेशों को सावधानीपूर्वक फ़िल्टर किया गया ताकि ट्रंप की प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित किया जा सके और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकें। यह रणनीति उच्च-स्तरीय वार्ताओं के दौरान तनाव कम करने और प्रभावी ढंग से संवाद करने के उद्देश्य से अपनाई गई थी। इस पहल से ईरान की कूटनीति में एक नया आयाम जुड़ गया, जिसमें मनोवैज्ञानिक विश्लेषण को संचार प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाया गया। यह जानकारी हाल ही में सार्वजनिक हुई है और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
