पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद जताई है, और अनुमान लगाया है कि यह समझौता इस सप्ताह के अंत तक हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, बल्कि जे.डी. वेंस इस प्रक्रिया का प्रतिनिधित्व करेंगे। ईरान ने हालांकि इन दावों को "सिर्फ अटकलें" बताया है। इस खबर के बाद वैश्विक तेल बाजार में गिरावट देखी गई है, क्योंकि ईरान के तेल उत्पादन में संभावित वृद्धि की उम्मीद बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के साथ समझौता होने से तेल की आपूर्ति में वृद्धि होगी, जिससे कीमतों में कमी आ सकती है। फिलहाल, स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और समझौते की अंतिम रूपरेखा अभी भी स्पष्ट नहीं है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।