अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में अंकारा की यात्रा के बारे में विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह केवल तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान के कारण ही इस सम्मेलन में भाग लेंगे। यह बयान नाटो शिखर सम्मेलन से पहले ही तनावपूर्ण माहौल को और बढ़ा सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पिट हेगेसेथ ने भी यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की व्यापक समीक्षा की घोषणा की है। इस समीक्षा से यूरोप में अमेरिका की सैन्य रणनीति में संभावित बदलावों के संकेत मिलते हैं। ट्रंप के बयान और हेगेसेथ की घोषणा दोनों ही नाटो सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर सकते हैं। यह घटनाक्रम अमेरिका-तुर्की संबंधों और नाटो के भीतर शक्ति संतुलन पर भी सवाल खड़े करता है।
