पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए एक समझौते की घोषणा करते हुए कहा है कि तेल का प्रवाह जारी रहना चाहिए। पाकिस्तान, जो इस समझौते की मध्यस्थता करने वाला एक महत्वपूर्ण देश है, के अनुसार आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को फिर से शुरू करना माना जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए थे, जिसके कारण तेल की आपूर्ति में कमी आई थी। यह नया समझौता उन प्रतिबंधों को हटाने या कम करने की दिशा में एक कदम हो सकता है। फिलहाल समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन पाकिस्तान की मध्यस्थता ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्विट्जरलैंड में होने वाला हस्ताक्षर समारोह इस समझौते को अंतिम रूप देगा।