अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि यह समझौता अंतिम नहीं है और यदि उन्हें यह पसंद नहीं आता तो वे ईरान पर फिर से हमला कर सकते हैं। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के मुख्य लाभार्थी वित्तीय बाजार हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे समझौते की शर्तों पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार हैं। यह बयान ईरान के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर सकता है। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और क्षेत्र में स्थिरता लाना है।