अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ एक समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत १९ जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं होता है, तो हमले फिर से शुरू किए जा सकते हैं। इस समझौते का उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जहाजों के आवागमन के लिए सुरक्षित बनाना भी है, जिसके लिए माइन हटाने के अभियान चलाए जाएंगे। ईरान ने इस संभावित समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी "दिव्य और दृढ़ इच्छाशक्ति" का परिणाम बताया है। यूरोपीय नेता भी हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव कम करने के लिए प्रयासरत हैं। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर अंतिम सहमति अभी भी बाकी है। ट्रम्प प्रशासन का रुख समझौते की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
