पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की अनुमति देने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। उनका कहना था कि यदि ईरान के पड़ोसी देश मिसाइलें रख सकते हैं, तो ईरान को भी कुछ मिसाइलें रखने से वंचित करना अन्यायपूर्ण होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे 'हर्बर्ट हूवर' जैसी स्थिति से बचना चाहते थे, जिसका तात्पर्य है कि वे एक असफल राष्ट्रपति के रूप में याद नहीं होना चाहते थे। यह बयान ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। ट्रंप प्रशासन ने पहले इस समझौते से हटकर ईरान पर कड़ी आर्थिक पाबंदियां लगाई थीं। इस नए रुख से भविष्य में ईरान के साथ संबंधों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। यह जानकारी ट्रंप के हालिया बयानों से सामने आई है।
