फ्रांस के इवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये में आए बदलाव को यूरोपीय नेताओं ने सराहा है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अन्य यूरोपीय नेताओं ने इसे सकारात्मक संकेत बताया है। हालांकि, यूक्रेन, ईरान और लेबनान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप के वादों को अमल में लाना अभी बाकी है। शिखर सम्मेलन की सफलता को दीर्घकालिक बनाने के लिए इन वादों का पालन आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव क्षणिक नहीं होना चाहिए और ठोस कार्रवाई में परिवर्तित होना चाहिए। फिलहाल, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रंप प्रशासन इन प्रतिबद्धताओं को किस प्रकार लागू करता है। शिखर सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों पर सामूहिक रूप से निपटने की इच्छाशक्ति देखी गई।
