नाटो शिखर सम्मेलन के बाद, 8 जुलाई को, अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान से यात्रा करने की खबरें थीं। हालांकि, "वॉशिंगटन पोस्ट" और "न्यूयॉर्क टाइम्स" के अनुसार, ईरान से खतरे के कारण उन्हें गुप्त रूप से एक अन्य विमान में स्थानांतरित कर दिया गया था। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मामले पर कहा कि उन्होंने सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों का पालन किया। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में घबराहट और तात्कालिकता का संकेत देती है। यह निकासी अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए उठाए गए असाधारण कदमों को दर्शाती है। यह सुरक्षा प्रोटोकॉल और संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।