अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास को कम करने का निर्णय लिया है। ट्रंप का कहना है कि किम जोंग उन के साथ बातचीत जारी रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। इस निर्णय से दक्षिण कोरिया और अन्य सहयोगी देशों में चिंता पैदा हो गई है। आलोचकों का तर्क है कि इससे उत्तर कोरिया को अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि कूटनीति के माध्यम से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना सबसे अच्छा तरीका है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस रणनीति के सफल होने की संभावना कम है। यह कदम कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को कम करने या बढ़ाने की क्षमता रखता है।

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