पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक प्रमुख भाषण में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में हुई कथित धांधली के पुराने दावों को फिर से दोहराया, जिसे पहले कई बार गलत साबित किया जा चुका है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन ने उनके चुनावी अभियान को निशाना बनाया था। इस भाषण को आगामी चुनावों के लिए एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों को चुनाव की निगरानी करने और संभावित अनियमितताओं की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम चुनाव संबंधी अविश्वास को बढ़ावा देने और अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने का प्रयास है। इस भाषण से अमेरिकी लोकतंत्र पर फिर से बहस छिड़ गई है।